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Showing posts from June, 2022

पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द के कारण

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 पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द के कारण kya hai? पेट दर्द एक आम समस्या है। यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। अक्सर हम इसे गैस या एसिडिटी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। यह बहुत ही मामूली बात है, किसी बीमारी विशेष का संकेत नहीं है। जब भी शरीर का कोई अंग प्रभावित होता है तो इसका असर हमारे शरीर के दूसरे अंगों पर भी पड़ता है।  पेट के दर्द कई प्रकार हैं जिन्हें हम पेट के किस हिस्से में दर्द हो रहा है, उसके आधार पर बांट सकते हैं। आज हम आपसे सिर्फ पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द के बारे में बात करेंगे। ऊपरी पेट में दर्द होने के अनेक कारण हो सकते हैं, ज्यादातर हम इसे एसिडिटी या गैस समझकर घर में ही इसका उपचार कर लेते हैं। पर कभी-कभी यह गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। पेट में होने वाले दर्द किडनी, फेफड़ों या हर्ट से जुड़ी बीमारियों का लक्षण भी हो सकता है। आइये जानते है कि पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द के कारण क्या हो सकते हैं।  पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द के कारण 1. अपच  खाना का ठीक से न पचना पेट दर्द के मामले में सबसे पहला कारण है। पेट संबंधी अधिकतर समस्याओं का कारण खाने का ठीक से...

निर्जला एकादशी का पौराणिक इतिहास

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निर्जला एकादशी व्रत 2022| जानिये निर्जला  एकादशी व्रत का पौराणिक इतिहास हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व है हर माह में दो एकादशी पड़ती है इनमें से निर्जला एकादशी का विशेष महत्व होता है। यह व्रत ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। निर्जला एकादशी का व्रत भगवानद विष्णु को समर्पित है इस दिन हम विष्णु भगवान की पूजा-अर्चना करते हैं इस एकादशी के व्रत का खास महत्व होता है आइये जानते है कि साल 2022 में यह एकादशी कब है इसके साथ ही आज के इस लेख में हम आपको  निर्जला एकादशी 2022  से जुड़ी पौराणिक कथा के बारे में भी बताएंगे इसलिए इस लेख को अंत तक पढ़ें। निर्जला एकादशी तिथि 2022  आरंभ तिथि- सुबह 10 जून, सुबह 7 बजकर 25 मिनट से  समापन तिथि- 11 जून, शाम 5 बजकर 45 मिनट तक निर्जला एकादशी व्रत का पौराणिक इतिहास  निर्जला एकादशी को भीमसेन एकादशी या पांडव  एकादशी भी कहा जाता है क्योंकि इसे पांडुपुत्र भीम ने किया था। पौराणिक कथा के अनुसार सभी पांडव और द्रौपदी विष्णु भगवान के भक्त थे और वे सभी हर एकादशी का व्रत किया करते थे, लेकिन भीम भूखे नहीं र...